शनिवार, 22 मई 2021

Mucormycosis: हवा और मिट्टी में रहता है Black Fungus, डॉक्टर्स ने जारी की गाइडलाइन

Mucormycosis: हवा और मिट्टी में रहता है Black Fungus, डॉक्टर्स ने जारी की गाइडलाइन

Mucormycosisदेश के कई राज्यों में Mucormycosis (Black Fungus) एक नई त्रासदी बनकर उभरा है। हर दिन इसके नए मामले चिंता पैदा करते हैं। ऐसे में हम थोड़ी सावधानी बरतकर इस Black Fungus से खुद को बचा सकते हैं।

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इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की ओर से जारी एडवाइजरी आपके बहुत काम आ सकती है। आइए जानते हैं कि Black Fungus (Mucormycosis) क्या है, इसके क्या लक्षण हैं और इससे कैसे बच सकते है।

Mucormycosis होता हैं हवा में

Mucormycosis एक फंगल संक्रमण है। यह उन लोगों को प्रभावित करता है जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता किसी बीमारी या उसके उपचार के कारण कमजोर हो जाती है। यह कवक हवा में मौजूद होता है और ऐसे लोगों में पहुँचकर उनको संक्रमित करता है।

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लक्षणों को पहचानें

  • आंखों और नाक के आसपास दर्द या लाली
  • बुखार
  • सरदर्द
  • खांसी
  • सांस लेने में परेशानी
  • उल्टी में खून
  • मानसिक भ्रम की स्थिति

यह भी पढ़ें: कोरोना से ठीक होने के बाद भी हो सकती है ये समस्‍या, ये चीजें Lungs को रखेगी स्‍वस्‍थ

इनको खतरा ज्यादा

  • जिन्हें अनियंत्रित मधुमेह है
  • स्टेरॉयड लेने वाला
  • लंबे समय से ICU में हैं
  • किसी प्रकार का प्रत्यारोपण
  • वोरिकोनाजोल थेरेपी ली हो (एंटीफंगल उपचार)

हम कैसे रक्षा कर सकते हैं

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  • Mucormycosis: हवा और मिट्टी में रहता है Black Fungus, डॉक्टर्स ने जारी की गाइडलाइन

    Mucormycosisदेश के कई राज्यों में Mucormycosis (Black Fungus) एक नई त्रासदी बनकर उभरा है। हर दिन इसके नए मामले चिंता पैदा करते हैं। ऐसे में हम थोड़ी सावधानी बरतकर इस Black Fungus से खुद को बचा सकते हैं।

    इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की ओर से जारी एडवाइजरी आपके बहुत काम आ सकती है। आइए जानते हैं कि Black Fungus (Mucormycosis) क्या है, इसके क्या लक्षण हैं और इससे कैसे बच सकते है।

    Mucormycosis होता हैं हवा में

    Mucormycosis एक फंगल संक्रमण है। यह उन लोगों को प्रभावित करता है जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता किसी बीमारी या उसके उपचार के कारण कमजोर हो जाती है। यह कवक हवा में मौजूद होता है और ऐसे लोगों में पहुँचकर उनको संक्रमित करता है।

    लक्षणों को पहचानें
    • आंखों और नाक के आसपास दर्द या लाली
    • बुखार
    • सरदर्द
    • खांसी
    • सांस लेने में परेशानी
    • उल्टी में खून
    • मानसिक भ्रम की स्थिति

    यह भी पढ़ें: कोरोना से ठीक होने के बाद भी हो सकती है ये समस्‍या, ये चीजें Lungs को रखेगी स्‍वस्‍थ

    इनको खतरा ज्यादा

    • जिन्हें अनियंत्रित मधुमेह है
    • स्टेरॉयड लेने वाला
    • लंबे समय से ICU में हैं
    • किसी प्रकार का प्रत्यारोपण
    • वोरिकोनाजोल थेरेपी ली हो (एंटीफंगल उपचार)

    हम कैसे रक्षा कर सकते हैं

    अगर आप धूल भरे कंस्ट्रक्शन साइट पर जाते हैं तो मास्क जरूर पहनें।
    • बागवानी या मिट्टी का काम करते समय जूते, फुल पैंट-शर्ट और दस्ताने पहनें।
    • व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखें। प्रतिदिन अच्छा स्नान करें।

    इन बातों को न करें नज़र-अंदाज़
    (अगर कोरोना, डायबिटीज और इम्यूनोसप्रेसेंट का इलाज चल रहा है)

    • नाक जाम हो जाता है या नाक से काला या खूनी पदार्थ निकलता है।
    • गाल की हड्डी में दर्द होता है। नाक/तालु पर कालापन आ जाए।
    • दांतों में दर्द हो, दांतों में ढीलापन लगे, जबड़े में समस्या हो
    • त्वचा के घाव, बुखार, दर्द या धुंधला दिखे, खून का थक्का जमें।
    • सीने में दर्द होता है, सांस लेने में तकलीफ होती है।

    इन बातों का रखें ध्यान

    • रक्त में ग्लूकोज की मात्रा को नियंत्रित करें।
    • डायबिटीज के मरीज कोविड इलाज के बाद ब्लड ग्लूकोज पर नजर रखे।
    • डॉक्टर की सलाह पर ही स्टेरॉयड लें। इनका इस्तेमाल सही समय, सही खुराक और सही समय तक ही करें।
    • ऑक्सीजन थेरेपी के लिए स्वच्छ औ स्टेराइल पानी का ही प्रयोग करें।
    • एंटीबायोटिक और एंटीबायोटिक्स दवाओं का प्रयोग सावधानी से करें।

    यह भी पढ़ें: 1 डोज़ Covishield Vaccine और दूसरी लगी Covaxin तो ये होगा असर, बता रहे हैं विशेषज्ञ

    ये गलतियां न करें
    • Black Fungus के लक्षणों को नजरअंदाज न करें।
    • यदि आपके पास नाक बंद है, तो इसे साइनेसाइटिस के रूप में न मानें, खासकर यदि आप उच्च जोखिम वाली श्रेणी में हैं।
    • डॉक्टर की सलाह पर KOH स्टेनिंग और माइक्रोस्कोपी, कल्चर, MALDI-TOF की जांच करवाएं।
    • इलाज में देरी न करें, पहला लक्षण दिखते ही सतर्क हो जाएं।

    स्थिति को कैसे संभालें (डॉक्टर की देखरेख में)

    • मधुमेह और मधुमेह कीटोएसिडोसिस को नियंत्रित करें।
    • यदि रोगी स्टेरॉयड ले रहा है, तो उन्हें बंद करने के लिए उन्हें धीरे-धीरे कम करें।
    • इम्यूनोमॉड्यूलेटिंग दवाओं को बंद करें।
    • पहले से ऐंटिफंगल दवाएं न लें।
  • बागवानी या मिट्टी का काम करते समय जूते, फुल पैंट-शर्ट और दस्ताने पहनें।
  • व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखें। प्रतिदिन अच्छा स्नान करें।

इन बातों को न करें नज़र-अंदाज़
(अगर कोरोना, डायबिटीज और इम्यूनोसप्रेसेंट का इलाज चल रहा है)

  • नाक जाम हो जाता है या नाक से काला या खूनी पदार्थ निकलता है।
  • गाल की हड्डी में दर्द होता है। नाक/तालु पर कालापन आ जाए।
  • दांतों में दर्द हो, दांतों में ढीलापन लगे, जबड़े में समस्या हो
  • त्वचा के घाव, बुखार, दर्द या धुंधला दिखे, खून का थक्का जमें।
  • सीने में दर्द होता है, सांस लेने में तकलीफ होती है।

इन बातों का रखें ध्यान

  • रक्त में ग्लूकोज की मात्रा को नियंत्रित करें।
  • डायबिटीज के मरीज कोविड इलाज के बाद ब्लड ग्लूकोज पर नजर रखे।
  • डॉक्टर की सलाह पर ही स्टेरॉयड लें। इनका इस्तेमाल सही समय, सही खुराक और सही समय तक ही करें।
  • ऑक्सीजन थेरेपी के लिए स्वच्छ औ स्टेराइल पानी का ही प्रयोग करें।
  • एंटीबायोटिक और एंटीबायोटिक्स दवाओं का प्रयोग सावधानी से करें।

यह भी पढ़ें: 1 डोज़ Covishield Vaccine और दूसरी लगी Covaxin तो ये होगा असर, बता रहे हैं विशेषज्ञ

ये गलतियां न करें
  • Black Fungus के लक्षणों को नजरअंदाज न करें।
  • यदि आपके पास नाक बंद है, तो इसे साइनेसाइटिस के रूप में न मानें, खासकर यदि आप उच्च जोखिम वाली श्रेणी में हैं।
  • डॉक्टर की सलाह पर KOH स्टेनिंग और माइक्रोस्कोपी, कल्चर, MALDI-TOF की जांच करवाएं।
  • इलाज में देरी न करें, पहला लक्षण दिखते ही सतर्क हो जाएं।

स्थिति को कैसे संभालें (डॉक्टर की देखरेख में)

  • मधुमेह और मधुमेह कीटोएसिडोसिस को नियंत्रित करें।
  • यदि रोगी स्टेरॉयड ले रहा है, तो उन्हें बंद करने के लिए उन्हें धीरे-धीरे कम करें।
  • इम्यूनोमॉड्यूलेटिंग दवाओं को बंद करें।
  • पहले से ऐंटिफंगल दवाएं न लें।
  • रेडियो-इमेजिंग के साथ निगरानी करें।

नोट: (यह जानकारी स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार की तरफ से जारी की गई है।)

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