गुरुवार, 10 जून 2021

योगा टिप्स

 भागदौड़ भरी जीवनशैली के चलते कई तरह के रोग और शोक तो जन्म लेते ही है, साथ ही व्यक्ति जीवन के बहुत से मोर्चा पर असफल हो जाता है!        यहां प्रस्तुत है ऐसे महत्वपूर्ण 10 योगा  टिप्स  जिसके माध्यम से आप अपने जीवन में सुख शांति निरोगी काया मानसिक दृढ़ता और सफलता प्राप्त कर सकते हैं !
1-  अंग संचालन -  अंग संचालन कुछ सूक्ष्म व्यायाम दिखाते हैं!  इसे  आसनों की शुरुआत के पूर्व किया जाता है ,इससे शरीर  आसन करने लायक तैयार हो जाता है! सूक्ष्म व्यायाम के अंतर्गत नेत्र ,गर्दन, कंधे ,हाथ पैरों की एड़ी, पंजे, घुटने, नितंबों  आदि  सभी की बेहतर वर्जित होती है !
2-  प्राणायाम -  अंग संचालन करते हुए यदि आप इसमें अनुलोम विलोम प्राणायाम भी जोड़ देते हैं, तो यह एक तरह से आपके भीतर के अंगों और कुछ में नाड़ियों को शुद्ध  पुष्ट  कर देगा !
3-  मालिश -  बदन के घर्षण टंडन थपकी कंपन और संधि प्रसारण के तरीके से मालिश कराएं इससे मांसपेशियां पुष्ट होती है, रक्त संचार सुचारू रूप से चलता है इससे तनाव अवसाद भी दूर होता है ,शरीर कांतिमय बनता है !
4-   व्रत -  जीवन में व्रत का होना जरूरी है व्रत ही स्वयं संकल्प और    तप है !आहार बिहार निद्रा जागृत और   मोन तथा जरूरत से ज्यादा बोलने की  स्थिति में  संयम से ही स्वास्थ्य तथा   मोछ घटित होता है !
5-  योग हस्त मुद्राएं -  योग की हस्त मुद्राओं को करने से जहां निरोगी काया पाई जा सकती है ! वहीं   मस्तिष्क को भी स्वस्थ रखती है हस्त मुद्राओं को अच्छे से जान कर नियमित करें तो लाभ मिलेगा !
6-  ईश्वर  प्राणीधान -   एक ईश्वर वादी  चिंतन संकल्प वान धारणा संपन्न तथा निर्भीक होने लगता है! यह जीवन की सफलता हेतु अत्यंत आवश्यक है! जो व्यक्ति ग्रह नक्षत्र असंख्य देवी देवता तंत्र मंत्र और तरह-तरह के अंधविश्वास पर विश्वास करता है! उसका संपूर्ण जीवन भ्रम भटकाव और विरोधाभास ओं में ही बीत जाता है इससे निर्णय हीनता का जन्म होता है !
7-  ध्यान -  ध्यान के बारे में भी आजकल सभी जानने  लगे हैं, ध्यान हमारी उर्जा को फिर से संचित करने का कार्य करता है इसलिए सिर्फ 5 मिनट का ध्यान आप कहीं भी कर सकते हैं ! खासकर सोते और उठते समय इसे   बिस्तर  पर ही किसी भी सुखासन में किया जा सकता है !
8-  प्रार्थना -  बहुत से लोग हैं जिनका मन ध्यान में नहीं लगता, उन्हें अपने इष्ट की प्रतिदिन प्रार्थना करना चाहिए ,यह स्पष्ट कर दें की पूजा नहीं प्रार्थना करें ईस्ट के चित्र के समक्ष दिया या अगरबत्ती जला कर हाथ जोड़कर कम से कम 10 मिनट तक उनके प्रति प्रणाम समर्पण का भाव रखकर उनकी स्तुति करने से मन और मस्तिष्क में सकारात्मक और शांति का विकास होता है ! जिससे व्यक्ति के जीवन में शुभ और लाभ होने लगता है !
9-  स्वाध्याय -  स्वाध्याय आत्मा का भोजन है स्वाध्याय का अर्थ है स्वयं का अध्ययन करना आप स्वयं के ज्ञान कर्म और व्यवहार की समीक्षा करते हुए   पढ़ें,  वह  सब कुछ इससे आपके आर्थिक सामाजिक जीवन को तो लाभ मिलता ही है , साथ ही आपको इससे खुशी भी मिलती है ,तो बेहतर किताबों का अपना मित्र बनाएं और स्वयं के मन को बेहतर दिशा में  मोड़े !
10-  सत्य -  सत्य में बहुत ताकत होती है  यह  तो सुनते ही आए हैं लेकिन कभी आजमाया नहीं अब आजमा कर देखें ! योग का प्रथम अंग  यम  है और  यम  की ही गुप्त अंग है सत्य !
    जब व्यक्ति सत्य की राह से दूर रहता है तो वह अपने जीवन में संकट खड़े कर लेता है  असत्य  -भासी  व्यक्ति के मन में भर्म और द्वंद रहता है! जिसके कारण मानसिक रोग उत्पन्न होते हैं  असत्य  या झूठ बोलने से व्यक्त की प्रतिष्ठा नहीं रहती और लोग उसकी सत्य बात का भी भरोसा नहीं करते! 
 सत्य बोलने और हमेशा सत्य आचरण करते रहने से व्यक्ति का आत्मबल बढ़ता है मन स्वस्थ और शक्तिशाली महसूस करता है! डिप्रेशन और टेंशन भरे जीवन से मुक्ति मिलती है, शरीर में किसी भी प्रकार के रोग से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है ! सुख और दुख में व्यक्ति समभाव रह कर निश्चिंत और खुशहाल जीवन को आमंत्रित कर लेता है, सभी तरह के रोग और सुख का निदान होता है !
   उपरोक्त 10 उपाय आपके जीवन को बदलने की क्षमता रखते हैं बशर्ते आप इनका पालन ईमानदारी से करें ¡

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