शनिवार, 29 मई 2021
प्राकृतिक चिकित्सा के सिध्दांत
मंगलवार, 25 मई 2021
प्राकृतिक चिकित्सा के सिध्दांत
सोमवार, 24 मई 2021
डीएम व एसपी ने किया गेहूं क्रय केन्द्र का निरीक्षण
प्राकृतिक चिकित्सा के सिध्दांत
रविवार, 23 मई 2021
तीन चीज खाली पेट लेने से बढ़तीं हैं प्रतिरोधक क्षमता(Immunity Booster)
Immunity Booster: खाली पेट इन 3 चीजों के सेवन से तेजी से बढ़ेगी रोग प्रतिरोधक क्
वर्तमान समय में Immunity Booster करने के महत्व के बारे में कोई अनभिज्ञता नहीं है। इस महामारी के समय में हर कोई चाहता है कि उसकी Immunity Booster हो ताकि वह इस जानलेवा वायरस की चपेट में न आए।
विशेषज्ञों का मानना है कि खाली पेट कुछ चीजें खाने से सेहत पर अच्छा असर पड़ता है। यह Immunity Booster में भी मदद करता है। आइए जानते हैं ऐसे 3 खाद्य पदार्थों के बारे में जिन्हें खाली पेट खाने से लोगों के शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती हैं।
लहसुन: स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार लहसुन में एंटी-बायोटिक और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं जो प्राकृतिक रूप से संक्रमण के खतरे को कम करने में मदद करते हैं। इतना ही नहीं इसके सेवन से शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है, हृदय स्वस्थ रहता है।
और फेफड़ों से जुड़ी कोई समस्या नहीं होती है। लहसुन में कई पोषक तत्व होते हैं, जो गले के संक्रमण और बैक्टीरिया से लड़ने में कारगर होते हैं। साथ ही जो लोग खांसी की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं, उन्हें एक गिलास अनार के रस में लहसुन के रस की कुछ बूंदों को,
मिलाकर नियमित रूप से इस रस का सेवन करना चाहिए, इसलिए सुबह लहसुन खाने से कई बीमारियों का खतरा होता है। से कम है। एक से दो कली लहसुन को सुबह गर्म पानी के साथ खाना चाहिए।
आंवला: विटामिन सी वाला आंवला सबसे अच्छा इम्युनिटी बूस्टर कहा जाता है। आप इसे गर्म पानी में कद्दूकस करके डाल सकते हैं और फिर सुबह खाली पेट इसका सेवन कर सकते हैं। साथ ही, आंवले में भरपूर मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट होते हैं जो स्वस्थ त्वचा और चमकदार बालों पर खाली पेट खाने पर पाए जा सकते हैं।
शहद: स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि सुबह खाली पेट एक गिलास गर्म पानी में एक चम्मच शहद मिलाकर पीने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। आप चाहें तो स्वाद के लिए नींबू भी मिला सकते हैं। इससे न केवल स्वाद बढ़ेगा बल्कि पेय पौष्टिक भी बनेगा।
इस ड्रिंक में भरपूर मात्रा में Antioxidant होते हैं जो शरीर को फ्री रेडिकल्स से लड़ने में सक्षम बनाते हैं। साथ ही यह एंटी-बैक्टीरियल गुणों से भी भरपूर होता है जो Immunity Booster में मददगार होता है।
प्राकृतिक चिकित्सा के सिध्दांत
शनिवार, 22 मई 2021
प्राकृतिक चिकित्सा के सिध्दांत
Mucormycosis: हवा और मिट्टी में रहता है Black Fungus, डॉक्टर्स ने जारी की गाइडलाइन
Mucormycosis: हवा और मिट्टी में रहता है Black Fungus, डॉक्टर्स ने जारी की गाइडलाइन
देश के कई राज्यों में Mucormycosis (Black Fungus) एक नई त्रासदी बनकर उभरा है। हर दिन इसके नए मामले चिंता पैदा करते हैं। ऐसे में हम थोड़ी सावधानी बरतकर इस Black Fungus से खुद को बचा सकते हैं।
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की ओर से जारी एडवाइजरी आपके बहुत काम आ सकती है। आइए जानते हैं कि Black Fungus (Mucormycosis) क्या है, इसके क्या लक्षण हैं और इससे कैसे बच सकते है।
Mucormycosis होता हैं हवा में
Mucormycosis एक फंगल संक्रमण है। यह उन लोगों को प्रभावित करता है जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता किसी बीमारी या उसके उपचार के कारण कमजोर हो जाती है। यह कवक हवा में मौजूद होता है और ऐसे लोगों में पहुँचकर उनको संक्रमित करता है।
लक्षणों को पहचानें
- आंखों और नाक के आसपास दर्द या लाली
- बुखार
- सरदर्द
- खांसी
- सांस लेने में परेशानी
- उल्टी में खून
- मानसिक भ्रम की स्थिति
यह भी पढ़ें: कोरोना से ठीक होने के बाद भी हो सकती है ये समस्या, ये चीजें Lungs को रखेगी स्वस्थ
इनको खतरा ज्यादा
- जिन्हें अनियंत्रित मधुमेह है
- स्टेरॉयड लेने वाला
- लंबे समय से ICU में हैं
- किसी प्रकार का प्रत्यारोपण
- वोरिकोनाजोल थेरेपी ली हो (एंटीफंगल उपचार)
हम कैसे रक्षा कर सकते हैं
Mucormycosis: हवा और मिट्टी में रहता है Black Fungus, डॉक्टर्स ने जारी की गाइडलाइन
देश के कई राज्यों में Mucormycosis (Black Fungus) एक नई त्रासदी बनकर उभरा है। हर दिन इसके नए मामले चिंता पैदा करते हैं। ऐसे में हम थोड़ी सावधानी बरतकर इस Black Fungus से खुद को बचा सकते हैं।इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की ओर से जारी एडवाइजरी आपके बहुत काम आ सकती है। आइए जानते हैं कि Black Fungus (Mucormycosis) क्या है, इसके क्या लक्षण हैं और इससे कैसे बच सकते है।Mucormycosis होता हैं हवा में
Mucormycosis एक फंगल संक्रमण है। यह उन लोगों को प्रभावित करता है जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता किसी बीमारी या उसके उपचार के कारण कमजोर हो जाती है। यह कवक हवा में मौजूद होता है और ऐसे लोगों में पहुँचकर उनको संक्रमित करता है।
लक्षणों को पहचानें- आंखों और नाक के आसपास दर्द या लाली
- बुखार
- सरदर्द
- खांसी
- सांस लेने में परेशानी
- उल्टी में खून
- मानसिक भ्रम की स्थिति
यह भी पढ़ें: कोरोना से ठीक होने के बाद भी हो सकती है ये समस्या, ये चीजें Lungs को रखेगी स्वस्थ
इनको खतरा ज्यादा
- जिन्हें अनियंत्रित मधुमेह है
- स्टेरॉयड लेने वाला
- लंबे समय से ICU में हैं
- किसी प्रकार का प्रत्यारोपण
- वोरिकोनाजोल थेरेपी ली हो (एंटीफंगल उपचार)
हम कैसे रक्षा कर सकते हैं
अगर आप धूल भरे कंस्ट्रक्शन साइट पर जाते हैं तो मास्क जरूर पहनें।- बागवानी या मिट्टी का काम करते समय जूते, फुल पैंट-शर्ट और दस्ताने पहनें।
- व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखें। प्रतिदिन अच्छा स्नान करें।
इन बातों को न करें नज़र-अंदाज़
(अगर कोरोना, डायबिटीज और इम्यूनोसप्रेसेंट का इलाज चल रहा है)- नाक जाम हो जाता है या नाक से काला या खूनी पदार्थ निकलता है।
- गाल की हड्डी में दर्द होता है। नाक/तालु पर कालापन आ जाए।
- दांतों में दर्द हो, दांतों में ढीलापन लगे, जबड़े में समस्या हो
- त्वचा के घाव, बुखार, दर्द या धुंधला दिखे, खून का थक्का जमें।
- सीने में दर्द होता है, सांस लेने में तकलीफ होती है।
इन बातों का रखें ध्यान
- रक्त में ग्लूकोज की मात्रा को नियंत्रित करें।
- डायबिटीज के मरीज कोविड इलाज के बाद ब्लड ग्लूकोज पर नजर रखे।
- डॉक्टर की सलाह पर ही स्टेरॉयड लें। इनका इस्तेमाल सही समय, सही खुराक और सही समय तक ही करें।
- ऑक्सीजन थेरेपी के लिए स्वच्छ औ स्टेराइल पानी का ही प्रयोग करें।
- एंटीबायोटिक और एंटीबायोटिक्स दवाओं का प्रयोग सावधानी से करें।
यह भी पढ़ें: 1 डोज़ Covishield Vaccine और दूसरी लगी Covaxin तो ये होगा असर, बता रहे हैं विशेषज्ञ
ये गलतियां न करें- Black Fungus के लक्षणों को नजरअंदाज न करें।
- यदि आपके पास नाक बंद है, तो इसे साइनेसाइटिस के रूप में न मानें, खासकर यदि आप उच्च जोखिम वाली श्रेणी में हैं।
- डॉक्टर की सलाह पर KOH स्टेनिंग और माइक्रोस्कोपी, कल्चर, MALDI-TOF की जांच करवाएं।
- इलाज में देरी न करें, पहला लक्षण दिखते ही सतर्क हो जाएं।
स्थिति को कैसे संभालें (डॉक्टर की देखरेख में)
- मधुमेह और मधुमेह कीटोएसिडोसिस को नियंत्रित करें।
- यदि रोगी स्टेरॉयड ले रहा है, तो उन्हें बंद करने के लिए उन्हें धीरे-धीरे कम करें।
- इम्यूनोमॉड्यूलेटिंग दवाओं को बंद करें।
- पहले से ऐंटिफंगल दवाएं न लें।
- बागवानी या मिट्टी का काम करते समय जूते, फुल पैंट-शर्ट और दस्ताने पहनें।
- व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखें। प्रतिदिन अच्छा स्नान करें।
इन बातों को न करें नज़र-अंदाज़
(अगर कोरोना, डायबिटीज और इम्यूनोसप्रेसेंट का इलाज चल रहा है)
- नाक जाम हो जाता है या नाक से काला या खूनी पदार्थ निकलता है।
- गाल की हड्डी में दर्द होता है। नाक/तालु पर कालापन आ जाए।
- दांतों में दर्द हो, दांतों में ढीलापन लगे, जबड़े में समस्या हो
- त्वचा के घाव, बुखार, दर्द या धुंधला दिखे, खून का थक्का जमें।
- सीने में दर्द होता है, सांस लेने में तकलीफ होती है।
इन बातों का रखें ध्यान
- रक्त में ग्लूकोज की मात्रा को नियंत्रित करें।
- डायबिटीज के मरीज कोविड इलाज के बाद ब्लड ग्लूकोज पर नजर रखे।
- डॉक्टर की सलाह पर ही स्टेरॉयड लें। इनका इस्तेमाल सही समय, सही खुराक और सही समय तक ही करें।
- ऑक्सीजन थेरेपी के लिए स्वच्छ औ स्टेराइल पानी का ही प्रयोग करें।
- एंटीबायोटिक और एंटीबायोटिक्स दवाओं का प्रयोग सावधानी से करें।
यह भी पढ़ें: 1 डोज़ Covishield Vaccine और दूसरी लगी Covaxin तो ये होगा असर, बता रहे हैं विशेषज्ञ
- Black Fungus के लक्षणों को नजरअंदाज न करें।
- यदि आपके पास नाक बंद है, तो इसे साइनेसाइटिस के रूप में न मानें, खासकर यदि आप उच्च जोखिम वाली श्रेणी में हैं।
- डॉक्टर की सलाह पर KOH स्टेनिंग और माइक्रोस्कोपी, कल्चर, MALDI-TOF की जांच करवाएं।
- इलाज में देरी न करें, पहला लक्षण दिखते ही सतर्क हो जाएं।
स्थिति को कैसे संभालें (डॉक्टर की देखरेख में)
- मधुमेह और मधुमेह कीटोएसिडोसिस को नियंत्रित करें।
- यदि रोगी स्टेरॉयड ले रहा है, तो उन्हें बंद करने के लिए उन्हें धीरे-धीरे कम करें।
- इम्यूनोमॉड्यूलेटिंग दवाओं को बंद करें।
- पहले से ऐंटिफंगल दवाएं न लें।
- रेडियो-इमेजिंग के साथ निगरानी करें।
नोट: (यह जानकारी स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार की तरफ से जारी की गई है।)
शुक्रवार, 21 मई 2021
विनाशकारी कोरोना का हाई बीपी के मरीजों पर बढ सकता हैं खतरा
कोरोना की दूसरी लहर ने पूरे देश में कोहराम मचा रखा है, पिछले दिनों इस विनाशकारी महामारी से लाखों लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि हजारों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। हालांकि अब दूसरी लहर के धीरे-धीरे कम होने की उम्मीद है और संक्रमण के मामले पहले कम आ रहे हैं।
ऐसे में विशेषज्ञों की ओर से High BP के मरीजों के लिए चिंता जाहिर की जा रही है.आपको बता दें कि खान-पान और जीवनशैली में बदलाव हाइपरटेंशन का सबसे बड़ा कारण है। विशेषज्ञों द्वारा किए गए कई शोधों में पाया गया कि High BP के रोगियों को इस विनाशकारी कोरोना महामारी का अधिक खतरा होता है।
High BP के रोगियों में, वायरस विकराल क्यों हो जाता है, जानेें
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (द इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च) के मुताबिक, कोरोना से संक्रमित 80 फीसदी लोगों में हल्के या हल्के लक्षण होते हैं और वे जल्द ही पूरी तरह से ठीक हो जाते हैं। लेकिन High BP या अन्य हृदय रोग से पीड़ित लोगों में यह वायरस विकराल रूप धारण कर लेता है।
गुरुवार, 20 मई 2021
अब 250रुपये की कोविसेल्फ कीट से खुद कर सकेंगे कोरोना की जांच, जाने इस्तेमाल का तरीका
बुधवार, 19 मई 2021
एकीकृत कोविड कमाण्ड सेन्टर के टेलीफोन नम्बर 05568-222505 पर कोविड से जुडी किसी भी समस्या व जानकारी के लिये करें सम्पर्क
डीएम व एसपी ने दल-बल के साथ नगर में भ्रमण कर जिला कन्टेनमेण्ट जोन एवं कोरोना कफ्र्यू का लिया जायजा।
बंद कमरे में मिली पिता पुत्र की लास मची सनसनी
हैरान कर देने वाली खबर यूपी से
आज की बड़ी खबर
मंगलवार, 18 मई 2021
पुलिस उपमहानिरीक्षक गोरखपुर परिक्षेत्र, गोरखपुर व स्टाफ ऑफिसर, जोनल कार्यालय की जांच आख्या के बाद गौरी बाजार थाना प्रभारी गिरिजेश तिवारी लाइन हाजिर
भिवंडी में 12 हजार जिलेटिन की छड़ बरामद, क्राइम ब्रांच पुलिस की कार्यवाही
भिवंडी में 12 हजार जिलेटिन की छड़े बरामद। क्राइम ब्रांच पुलिस की कार्रव
भिवंडी।। प्रसिद्ध उद्योग पति मुकेश अंबानी के घर के पास मिली स्कॉर्पियो कार में जिलेटिन की छड़े बरामद होने के बाद पुलिस ने जिलेटिन की छड़े को इकठ्ठा करने वालों पर कार्रवाई करना शुरू किया है. इसी क्रम में सोमवार 1:30 बजे के दरमियान क्राइम ब्रांच पुलिस के युनिट क्रमांक एक ने भिवंडी के कारिवली ग्राम पंचायत स्थित एक कार्यालय में छापा मारकर 12 हजार जिलेटिन की छड़ो के साथ अन्य विस्फोट सामग्री बरामद किया है.इतनी भारी मात्रा में विस्फोट सामग्री मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैली हुई है.वही पर क्राइम ब्रांच की पुलिस ने खदान मालिक को गिरफ्तार कर लिया है.जिसे न्यायालय में 22 मई तक पुलिस रिमांड में भेज दिया है।
घर के एसी -कूलर में भी लगते है ब्लैक फंग्स
प्रकृतिक चिकित्सा की मुख्य विशेषताएं
रविवार, 16 मई 2021
प्राकृतिक चिकित्सा से भागेगा कोरोना व ब्लैक फंग्स, मानव शरीर में वायरस से लड़ने के तत्व मौजूद
14 फरवरी से खुलेंगे नर्सरी से ऊपर के शैक्षणिक संस्थानरेस्टोरेंट सिनेमा हॉल अपनी क्षमता के अनुसार होंगे संचालित
समस्त सरकारी एवं निजी कार्यालयों में शत-प्रतिशत उपस्थिति के साथ अब होंगे कार्य जिम खोलने की भी अनुमति कोविड हेल्प डेस्क की स्थाप...
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सोनू कुमार यादव संवाददाता यूपी , देवरिया । देवरिया जनपद के विकास खण्ड गौरीबाजार क्षेत्र के अंर्तगत नगरौली ग्राम सभा के ग्राम प्...
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Mucormycosis: हवा और मिट्टी में रहता है Black Fungus, डॉक्टर्स ने जारी की गाइडलाइन By अंकित किवे - May 22, 2021 देश के कई राज्यों में Mu...
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सीडीओ ने अनुपस्थित कार्मिकों का आज का वेतन किया बाधित कल भी अनुपस्थित रहने पर होगा एफआईआर देवरिया (सू0वि0) 31 जनवरी। मुख्य विक...